Tuesday, August 18, 2009

|| चित्रापुर युवधारा समूह गीत ||

गुरुप्रेरित, गुरुअनुग्रहित, गुरुपरंपराधृत युवधरा |
युगों-युगों तक अमर रहे चिर युवधारा || १

कर्मक्षेत्र है; धर्मक्षेत्र है; गुरुक्षेत्र है; यह सारा |
युगों-युगों तक अमर रहे चिर युवधारा || १ ||

श्रीभावानीशंकर नमन कर; गुरुसंकेत शिरोधार्य कर
निजशक्ति को जागृत कर; गुरुपरंपरा से बंधी रहे यह युवधारा |
युगों-युगों तक अमर रहे चिर युवधारा ||२||

अंतरमन विकसित करने; निर्मल करने; उज्जवल करने
सारस्वत आनंदित करने; अग्रसर होती रहे; यज्ञवत यह युवधारा |
युगों-युगों तक अमर रहे चिर युवधारा ||३||

शक्ति भक्ति समपन्न बनें हम; संस्कृति रक्षक वीर बनें हम
सच्चे साधक शिष्य बनें हम; गुरुसेवा के पात्र बनें हम
गुरुदृष्टि के पात्र बनें हम
यतीश्वर यही प्रार्थना | - ३
युगों-युगों तक अमर रहे चिर युवधारा ||४||
युगों-युगों तक अमर रहे चित्रापुर युवधारा ||
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|| चित्रापुर मठ: श्रीवाल्ली ||

Yuvadhara samuh geet released at shirali on the occasion of completion of one year

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